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जाट कॉलेज में लड़कियों के एनएसएस कैंप के पांचवें दिन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में गणित विभाग की अध्यक्ष डॉ. रेणू चुघ ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित किया। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और नैतिक शिक्षा’ विषय पर अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि  लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान देकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। इस दिशा में राष्ट्रीय सेवा योजना कारगर साबित हो सकती है। लड़कियां अगर लक्ष्य बनाकर कठिन परिश्रम करें तो कोई वजह नहीं कि वे अपनी मंजिल पर न पहुंच पाएं। सकारात्मक सोच एवं अच्छा व्यवहार रखकर सामाजिक मूल्यों की स्थापना में हम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वच्छता अभियान में सक्रिय रहकर भी हम समाज के प्रति अपना दायित्व अच्छी तरह निभा सकते हैं। नैतिक मूल्यों को अपनाकर बेहतर समाज का निर्माण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। लालच और नकारात्मक विचारों से बचें और अपने कार्य पर संजीदगी से फोक्स करें। व्यवहार कुशलता और मृदभाषी होने से भी आपके व्यक्तित्व में निखार आता है। बदलते हालात में लड़कियों के प्रति आज मनोदशा बदलने की जरूरत है और उन्हें लडक़ों के समान अवसर दिए जाने चाहिएं। लड़कियां पढ़ाई की आदत को गंभीरता से अपने जीवन में उतारकर लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकती हैं। वहीं सायंकालीन सत्र में डॉ. जयबीर मलिक ने नशे जैसी बुराइयों के प्रति छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि वे आसपास के लोगों को इसके नुकसान के बारे बताएं। इस मौके पर एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुशीला डबास, डॉ. मीनल मलिक, डॉ. अनिल नरवाल, डॉ. सुधीर दलाल, डॉ. आनंद रोहिल्ला, एसो. प्रोफेसर  डॉ. शबनम राठी, डॉ. सरोज बाला, डॉ. मुनीष नांदल, डॉ. सरोज नारा आदि भी उपस्थित रही।

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