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1990 के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को उनकी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिये सेवाओं से बर्खास्त किया गया है।
जम्‍मू-कश्‍मीर में हालात सामान्य होने के बाद राज्य सरकार अब आतंकवादियों का समर्थन करने वाले लोगों और देश विरोधी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में जुट गयी है । महबूबा मुफ्ती सरकार ने राज्य में देश विरोधी गतिविधियों की वजह से 12 सरकारी अधिकारियों को बर्खास्‍त कर दिया गया है।

खुफिया जानकारी के आधार पर राज्य पुलिस ने इन अधिकारियों के खिलाफ एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके आधार पर राज्‍य के मुख्‍य सचिव ने कार्रवाई करने का फैसला लिया। हालांकि राज्य सरकार का कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहा है । बर्खास्‍त किए गए कई अफसरों पर पब्लिक सेफ्टी एक्‍ट के तहत केस भी दर्ज किया गया है। इन अफसरो पर आरोप है कि बीते लंबे समय से घाटी में व्याप्त अशांत माहौल को हवा देने में इन लोगों ने बड़ी भूमिका निभाई है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किये गये अफसरो के अलावा कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी नज़र रखी जा रही है।

फिलहाल बर्खास्त किये गये लोगों में कश्मीर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के अलावा शिक्षा, रेवेन्यू, पब्लिक हेल्थ, इंजीनियरिंग और फूड सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने राज्य के संविधान के आर्टिकल 126 के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

राज्य सरकार की इस कार्यवाही से पहले मंगलवार को बारामूला में सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने करीब 12 घंटे चले तलाशी अभियान चलाया जिसमें बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई थी। सुरक्षा बलों को विस्फोटक, पेट्रोल बम और आतंकी संगठनों के पर्चे से लेकर पाकिस्तान और चीन के झंडे बरामद हुए थे। बारामुला में चलाये गये इस अभियान के बाद 44 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था । खबर है कि इनमें से कुछ सीमापार से धुसपैठ करके आए आतंकी को कुछ आतंकियों को पनाह देने वाले हैं । फिलहाल घाटी में कर्फ्यू हटा दिया गया है, और माहौल लगभग पूरी तरह शांत है। हालात सामान्य होने के बाद ही सरकार देश विरोधी तत्वों के ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई कर रही है। एक ओर ऐसे तत्वों के ख़िलाफ़ कार्यवाही हो रही है तो दूसरी ओर राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार लगातार जम्मू कश्मीर में विकास से लेकर रोजगार जैसे मसलो पर संजीदगी से काम कर रही है।

राज्य के युवाओं को रोजगार के लिये 10 हज़ार से ज्यादा एसपीओ की भर्ती का अभियान चलाया गया है तो उड़ान जैसे विशेष कार्यक्रम के माध्यम से लोगो को हुनरमंद बनाकर उद्यमिता को भी विकास किया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासो में राज्य के युवाओ ने भी बड़चढ कर हिस्सा लिया था जिसके बाद राज्य की अलगाववादी ताकतो को बड़ा झटका लगा था। इतना ही नही पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिह कई बार इस बात पर जोर दे चुके है कि कश्मीर के युवाओ के हाथ में पत्थर नही बल्कि कलम और कम्यप्यूटर होनी चाहिये, और इसी दिशा में केन्द्र और राज्य सरकार लगातार काम भी कर रही है। जिसका असर दिखने लगा है और लोग विकास की गतिविधियों के साथ जुड़ते नज़र आ रहे है।

जहां राज्य में शांति बहाली से लेकर विकास के कामो को गति दी जा रही है तो नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से उसकी नापाक हरकते जारी है। पुंछ जिले के बीजी सेक्टर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से संधर्ष विराम का उल्लधन करते हुए मोर्टार समेत अन्य हथियारो से फायरिंग की जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जबाव दिया। इस बीच कठुआ के बोवियां इलाके के पास गुरूवार सुबह पाकिस्तान की ओर से धुसपैठ की कोशिश की गयी जिसको वहां मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल ने नाकाम कर दिया।

कुल मिलाकर जहां राज्य के माहौल को शांत करने के लिये सुरक्षा बल लगातार काम कर रहे है तो केन्द्र और राज्य सरकार जम्मू कश्मीर में विकास कामो को गति देने पर फोकस कर रही है जिसमें राज्य की कुछ अलगाववादी ताकतो को छोड़कर बाकी आवाम का सहयोग भी मिल रहा है।

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