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indra_market_mandiमंडी: हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के व्यापार मंडल की मौजूदा कार्यकारिणी को 20 वर्षों का लंबा समय बीत गया है लेकिन इन 20 वर्षों में न तो कोई आम सभा की बैठक बुलाई गई और न ही किसी प्रकार का चुनाव करवाने की कोई जहमत उठाई गई। नियमानुसार जब भी किसी संस्था का गठन किया जाता है तो उसके अपने नियम तय किए जाते हैं और किसी भी संस्था में कोई कार्यकारिणी 3 वर्षों से अधिक समय के लिए नहीं चुनी जाती। 3 वर्षों के बाद फिर से चुनाव करवाए जाते हैं और नई कार्यकारिणी का चयन किया जाता है।

3 वर्षों के दौरान मौजूदा कार्यकारिणी को बीच-बीच में आम सभा की बैठकें बुलानी होती हैं, जिसमें संस्था की तरफ से किए गए कार्यों का लेखा-जोखा सभी सदस्यों के समक्ष रखा जाता है लेकिन हैरानी की बात है कि व्यापार मंडल मंडी ने 20 वर्षों में एक बार भी आम सभा की बैठक नहीं बुलाई, चुनाव करवाना तो दूर की बात रही। व्यापार मंडल के प्रधान अशोक कपूर का कहना है कि 5 वर्ष पहले चुनाव करवाने की सोची गई थी लेकिन उस वक्त वरिष्ठ व्यापारियों ने चुनाव करवाने से यह कह कर इंकार कर दिया कि कार्यकारिणी ठीक चली हुई है, साथ ही उन्होंने बताया कि चुनाव करवाने के लिए सभी व्यापारी इकट्ठा नहीं होते, जिसके चलते भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। व्यापार मंडल का मानना है कि अगर बीते 20 वर्षों में इन्होंने आम सभा की कोई बैठक नहीं बुलाई और न ही चुनाव करवाए तो मंडल ने किसी भी व्यापारी से फंड की मांग भी नहीं की है।

प्रधान अशोक कपूर का कहना है कि मौजूदा कार्यकारिणी अपने दम पर सारे कार्य कर रही है और इसमें किसी भी व्यापारी से आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाता। बता दें कि मौजूदा समय में व्यापार मंडल मंडी के साथ जुड़े सदस्यों की संख्या 500 के करीब है और यह आंकड़ा आज से 20 वर्ष पहले का है। अगर व्यापार मंडल सक्रियता से कार्य करता तो इस वक्त इसके सदस्यों की संख्या हजारों में होती क्योंकि बीते 20 वर्षों में हजारों नए लोगों ने अपना कारोबार शुरू किया है।

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