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एक और चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हैं माकपा के वरिष्ठ सदस्य अच्युतानंदन

एक और चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हैं माकपा के वरिष्ठ सदस्य अच्युतानंदन

माकपा के वरिष्ठ सदस्य और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री 93 वर्षीय वी एस अच्युतानंदन मालमपूझा की अपनी सीट को बरकरार रखने के लिए चुनावी लड़ाई के एक और चरण में उतरने के लिए तैयार हैं। आगामी 16 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में अच्युतानंदन कांग्रेस के उम्मीदवार 29 वर्षीय वी एस जॉए के खिलाफ उतरेंगे।

अपनी अनोखी भाव-भंगिमाओं, तेज-तर्रार शब्दों और अद्भुत भाषणों के लिए खास पहचान रखने वाले अच्युतानंदन बेहद कुशल तरीके से प्रचार करने में माहिर हैं। वह इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। चिलचिलाती धूप को मात देते हुए अच्युतानंदन पलक्कड जिले में स्थित निर्वाचन क्षेत्र में कई सभाएं कर चुके हैं। इसे राज्य का औद्योगिक गलियारा माना जाता है।

अपने पूरे अभियान के दौरान, उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ पर हमला बोला। उन्होंने सौर घोटाले, बार रिश्वत घोटाले जैसे मुद्दे उठाकर भ्रष्टाचार की बात उठाई और साथ ही साथ उन्होंने भाजपा-राजग की ‘‘सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी’’ राजनीति की भी बात उठाई।

कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और भाजपा-राजग अच्युतानंदन की चुनावी संभावनाओं को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पलक्कड नगर निगम के उपाध्यक्ष और भाजपा के सदस्य सी कृष्ण कुमार की मौजूदगी ने चुनावी नतीजे को एक मुश्किल काम बना दिया है। राज्य में यह एकमात्र ऐसा नागरिक निकाय है, जिस पर पार्टी का नियंत्रण है।

इसके अलावा, भाजपा की नई सहयोगी भारत धर्म जन सेना भी इस क्षेत्र में बेहद सक्रिय है। इस संगठन का गठन श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नातेसन ने किया है।

( Source – पीटीआई-भाषा )

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