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राज्यसभा में बुधवार को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदा मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम लिए जाने के बाद भारी हंगामा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

augutaस्वामी ने जैसे ही यह मुद्दा उठाया और कांग्रेस अध्यक्ष का नाम लिया, पार्टी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।

स्वामी ने कहा, “विपक्ष के नेता, मिस्टर (क्रिश्चियन) माइकल की मौखिक बातों को आधार बना रहे हैं, जबकि इटली के उच्च न्यायालय में मिस्टर माइकल का लिखित पत्र रिकॉर्ड है, जिसके मुताबिक, सोनिया गांधी मुख्य..।” स्वामी के इतना कहते ही हंगामा शुरू हो गया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस सदस्यों ने स्वामी का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। एक सदस्य ने तो स्वामी को ‘सीआईए का एजेंट’ तक कह डाला।

कांग्रेस के सदस्य सभापति की आसंदी के करीब पहुंच गए। इसके बाद वे आक्रामक तेवर के साथ सत्तापक्ष के सदस्यों की ओर बढ़े, जिसके बाद सत्तापक्ष के सदस्य भी अपनी सीटों पर खड़े हो गए।

भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि स्वामी को दूसरे सदन के सदस्य का नाम नहीं लेना चाहिए। इसके बाद उन्होंने सोनिया का नाम सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया।

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं कि दूसरे सदन के सदस्य का नाम यहां नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी ऐसे सदस्य का नाम नहीं लिया जाना चाहिए, जो यहां आकर अपना बचाव नहीं कर सकता।”

इसके बाद भी हालांकि उपसभापति ने स्वामी को अपनी बात पूरी करने की अनुमति दी, जिसका कांग्रेस सदस्यों ने विरोध किया।

केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह सदस्य के अधिकार का हनन है।

इसके बाद कांग्रेस के सदस्य सभापति के आसन के समक्ष खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के लिए शुरू होने पर स्वामी ने राज्यसभा के उपसभापति हामिद अंसारी से कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। इस पर अंसारी ने कहा कि वह प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर नहीं बोल सकते।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें तब तक नहीं बोलने दिया जाएगा, जब तक कि वह अपना बयान वापस नहीं ले लेते।

इस बीच, कांग्रेस के एक सदस्य ने स्वामी को ‘सीआईए एजेंट’ बुलाते हुए उनसे बैठ जाने को कहा।

केंद्रीय मंत्री नकवी ने विपक्षी सदस्यों पर अपनी पार्टी के सदस्य को ‘धमकाने’ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “यह ठीक नहीं है कि एक सदस्य दूसरे को धमकाए।”

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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