Posted On by &filed under क़ानून.


‘दही हांडी’ के दौरान मानवीय पिरामिड के संबंध में नई याचिका पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय

‘दही हांडी’ के दौरान मानवीय पिरामिड के संबंध में नई याचिका पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने आज दही हांडी से संबंधित एक याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया । इस याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा तय की गई मानव पिरामिड की 20 फुट उंचाई में ढील देने का अनुरोध किया गया है। महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के दिन दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाए जाते हैं।

न्यायमूर्ति ए आर दवे, यू यू ललित और एल नागेवश्वर राव की पीठ ने कहा कि वह इस याचिका पर आज ही सुनवाई करेगी क्योंकि देशभर में यह उत्सव कल ही मनाया जाना है ।

यह नई याचिका मुंबई के जय जवान क्रीड़ा मंडल गोविंदा पाठक की ओर से दायर की गई है। इस संगठन का कहना है कि चूंकि 18 वर्ष से कम आयु के प्रतिभागियों द्वारा दही हांडी उत्सव में भाग लेने पर पाबंदी लगा दी गई है, इसलिए मानव पिरामिड की उंचाई में ढील दी जानी चाहिए क्योंकि रोमांच हर खेल का अहम हिस्सा होता है।

उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र में होने वाले दही हांडी उत्सव को लेकर बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों में पहले ढील देने से इनकार कर दिया था । इन शर्तों में कहा गया था कि पिरामिड में 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के भाग लेने पर रोक रहेगी और मानव पिरामिड की उंचाई 20 फुट तक ही रखी जा सकती है ।

हालांकि पीठ ने उच्च न्यायालय के ‘दही हांडी’ उत्सव को नियंत्रित करने से संबंधित दो निर्देशों को रद्द कर दिया। इनमें से एक निर्देश उस कानून में संशोधन से संबंधित था जो 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के ‘दही हांडी’ जैसे उत्सवों में मानव पिरामिड बनाने जैसी खतरनाक प्रस्तुतियांे में शामिल होने पर रोक लगाता है।

उच्च न्यायालय ने दूसरे निर्देश में आयोजकों द्वारा प्रशासन को आयोजन से 15 दिन पहले कुछ जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया था। इसमें कहा गया था कि आयोजक उत्सव के स्थल, इसके समय और प्रतिभागियों की व्यक्तिगत जानकारियां प्रशासन को दें। इस निर्देश को समय के अभाव के मद्देनजर रद्द कर दिया गया।

( Source – पीटीआई-भाषा )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

* Copy This Password *

* Type Or Paste Password Here *