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जीएसटी विधेयकों को संसद में रख सकती है सरकार

जीएसटी विधेयकों को संसद में रख सकती है सरकार

बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर लागू करने तथा देश में ऐतिहासिक कर सुधारों के युग की शुरूआत करने के लिए चार विधेयक आज लोकसभा में पेश किए गए।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने एक राष्ट्र एक कर की अवधारणा को लागू करने के लिए चार विधेयक लोकसभा में रखे जिनमें केंद्रीय जीएसटी, एकीकृत जीएसटी, केंद्र शासित प्रदेश जीएसटी और मुआवजा कानून शामिल हैं।

सरकार ने एक जुलाई से जीएसटी को लागू करने का प्रस्ताव किया है। ऐसा अनुमान है कि जीएसटी को लागू करने से भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में दो फीसदी का इजाफा होगा।

सरकार वस्तु एवं सेवा कर :जीएसटी: से संबंधित सहायक विधेयकांे को संसद में पेश कर सकती है।

सूत्रांे ने बताया कि सी-जीएसटी, आई-जीएसटी, यूटी-जीएसटी तथा मुआवजा कानून को लोकसभा में रखा जा सकता है। इस पर 28 मार्च को ही चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा विभिन्न उपकरांे को समाप्त करने के लिए उत्पाद एवं सीमा शुल्क कानून में संशोधनांे तथा नई जीएसटी व्यवस्था के तहत निर्यात एवं आयात के बिल देने संबंधित संशोधन भी सदन में रखे जा सकते हैं। सूत्र ने बताया कि लोकसभा की कार्यसूची सलाहकार समिति की कल बैठक होगी जिसे इस विधेयकांे पर चर्चा की अवधि तय की जाएगी।

सूत्रांे ने कहा कि सरकार चाहती है कि जीएसटी से संबंधित विधेयक लोकसभा में 29 मार्च या अधिक से अधिक 30 मार्च तक पारित हो जाएं। इसके बाद इन विधेयकांे को राज्यसभा में रखा जाएगा। इससे सरकार को राज्यसभा में किसी तरह के संशोधन को लोकसभा में लोकसभा में लाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। लोकसभा इन संशोधनांे को या तो खारिज कर सकती है या स्वीकार कर सकती है। संसद का मौजूदा सत्र 12 अप्रैल को समाप्त हो रहा हैं सूत्रांे ने कहा कि हालांकि इन्हंे धन विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा लेकिन सरकार दोनांे सदनांे में चर्चा चाहती है। सरकार का इरादा जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने का है। जीएसटी लागू होने के बार उत्पाद, सेवा कर, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क इसमें समाहित हो जाएंगे।

( Source – PTI )

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