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विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने के बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा

विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने के बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा

दिल्ली के 21 आप विधायकों को सुरक्षित करने से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की ओर से सहमति प्रदान करने से इंकार करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रहे हैं तथा भाजपा आप से डरी हुई है और पिछले साल के विधानसभा चुनाव में मिली हार को पचा नहीं पा रही।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उस विधेयक को स्वीकृति प्रदान करने से इंकार कर दिया जिसमें आम आदमी पार्टी के उन 21 विधायकों को बचाने का प्रावधान किया गया था जिनको संसदीय सचिव नियुक्त किया गया और जिन पर अयोग्य ठहराए जाने का खतरा मंडरा रहा है।

केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने अपने विधायको को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं, लेकिन वे मुफ्त में काम कर रहे हैं। हमारी अधिसूचना यह कहती है कि वे सरकार से किसी पारिश्रमिकी, भत्ते, सुविधाओं या सेवाओं के हकदार नहीं होंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे मुफ्त में काम कर हैं तो मोदीजी को क्या परेशानी है। अगर सभी अयोग्य ठहरा दिया जाए और घर बैठा दिया जाए तो उनको :केंद्र: इससे क्या मिलेगा। मोदी जी दिल्ली में मिली पराजय को पचा नहीं पा रहे हैं और इसलिए वे हमें काम नहीं करने दे रहे।’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि दूसरे राज्यों के संसदीय सचिवों को अयोग्य क्यों नहीं ठहराया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल और देश भर में संसदीय सचिव हैं। पंजाब में संसदीय सचिवों को एक लाख रूपये महीने, कार और बंग्ला मिला हुआ है। लेकिन उनको अयोग्य नहीं ठहराया गया। सिर्फ दिल्ली में क्यों? क्योंकि मोदीजी आम आदमी पार्टी से डरे हुए हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री की क्या भूमिका है क्योंकि विधेयक को राष्ट्रपति ने ठुकराया है तो केजरीवाल ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति कोई फैसला नहीं करते हैं। शायद उनके पास फाइल भी नहीं जाती। फैसला सरकार की ओर से किया जाता है और इस पर गृह मंत्रालय ने फैसला किया है।’’

( Source – पीटीआई-भाषा )

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