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एमएसीटी ने दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 34 लाख रूपए मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया

एमएसीटी ने दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 34 लाख रूपए मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने वर्ष 2015 में एक सड़क हादसे में मारे गए एक यार्ड प्रबंधक के परिवार को 34 लाख रूपए मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है।

एमएसीटी-रायगढ़- अलीबाग के अध्यक्ष एम जी सेवालिकर ने हाल में दो प्रतिवादियों – टेलर के मालिक नीलेश म्हात्रे और बीमाकर्ता श्री राम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से सितंबर 2015 से प्रतिवर्ष 7.5 प्रतिशत की ब्याज के साथ संयुक्त रूप से और अलग अलग भुगतान करने को कहा। याचिका सितंबर 2015 में दायर की गई थी। वादी की ओर से पेश हुए वकील एस सी बोदुल्ला एवं एस वाई पाटिल ने एमएसीटी को बताया कि मृतक जीवन घरट र्44ी परिवहन कंपनी के साथ एक यार्ड प्रबंधक के तौर पर कार्यरत था और 20000 प्रतिमाह कमा रहा था।

उन्होंने कहा कि जब जीवन 26 मई 2015 को पनवेल-उरान सड़क स्थित जसाई बस अड्डे पर रात करीब सवा नौ बजे अपने दुपहिया वाहन के साथ खड़ा था। उसी समय टेलर ने उसे टक्कर मार दी।

वादियों में जीवन की पत्नी नंदा र्37ी, बच्चे साहल एवं पल्लवी और पिता नामदेव शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि टेलर चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।

जब याचिका दायर की गई, उस समय जीवन की मां भी वादी थीं लेकिन उनके निधन के बाद उनका नाम हटा दिया गया।

उन्होंने 40.25 लाख मुआवजा मांगा था जिसे म्हात्रे और बीमा कंपनी ने विभिन्न आधारों पर चुनौती दी थी।

एमएसीटी ने म्हात्रे और बीमा कंपनी के दावे को खारिज कर दिया और जीवन के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया।

( Source – PTI )

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