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pslvइसरो के सबसे बड़े वाणिज्यिक उपग्रह के लॉन्‍च के लिए उलटी गिनती आज सुबह 7.28 बजे शुरू हो गई है जिसे दस जुलाई को श्रीहरीकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से लॉन्‍च किया जाएगा। इस लॉन्चिंग के साथ ही यह इसरों का सबसे बड़ा वाणिज्यिक उपग्रह बन जाएगा जिसमें एक साथ पांच विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा। इन पांचों उपग्रहों का कुल वजन लगभग 1440 किलोग्राम है।

इसरो के अनुसार, इस अभियान में पीएसएलवी-सी 28 अपनी 13वीं उड़ान के तहत ब्रिटेन के सरे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (एसएसटीए) द्वारा निर्मित तीन एक तरह के डीएमसी-3 उपग्रह प्रक्षेपित करेगा जो धरती से निर्देश देने पर किसी खास क्षेत्र की तस्वीरें लेने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें प्रत्येक का वजन 447 किलोग्राम है जिन्हें 647 किलोमीटर दूर सन सिनक्रोनस ऑर्बिट (एसएसओ) में स्थापित किया जाएगा।

इसके साथ ही, ब्रिटेन के ही दो और उपग्रह हैं जिनमें एक माइक्रो सेटेलाइट सीबीएनटी-1 है जिसे एसएसटीएल ने ही बनाया है। यह पृथ्वी पर नजर रखने वाले अत्यंत छोटे उपग्रह की तकनीक प्रदर्शित करने के लिए है। डीएमसी-३ उपग्रहों में प्रत्येक की ऊंचाई करीब तीन मीटर है। इतने वजन के साथ पीएसएलवी का प्रक्षेपण एक चुनौती है। डीएमसी इंटरनेशनल इमेजिंग (डीएमसीआइआइ) और एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लि. के बीच हुए करार के तहत इन उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जा रहा है। डीएमसीआइआइ एसएसटीएल की पूर्ण स्वामित्ववाली कंपनी है। डीएमसी 3 समूह में डीएमसी 3-1, डीएमसी 3-2 और डीएमसी 3-3 तीन उन्नत किस्म के लघु उपग्रह हैं।

इससे पहले इसरो का सबसे भारी व्यावसायिक मिशन स्पॉट-7 मिशन था। फ्रांस के इस 712 किलोग्राम वजनी उपग्रह को 30 जून 2014 को पीएसएलवी के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।

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