Posted On by &filed under समाज.


सामुदायिक सेवा के लिए छात्र हुए एकजुट

सामुदायिक सेवा के लिए छात्र हुए एकजुट

महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अब पास के एटीएम से स्वच्छ पेयजल हासिल कर सकते हैं। ऐसा मुंबई में कक्षा नौ की छात्रा दीया श्रॉफ की पहल ‘जल जीवन’ के कारण संभव हो सका है।

पहला वॉटर एटीएम महाराष्ट्र के शोलापुर में पहले से संचालित है। यह इलाके के उन लगभग 300 परिवारों को पानी उपलब्ध करवाता है, जिन्हें इससे पहले स्वच्छ पेयजल के लिए कई मील तक चलकर जाना पड़ता था।

ग्रामीणों की इस मुश्किल को समझते हुए दीया ने पानी की कमी से जुड़े मुद्दों पर शोध करना शुरू किया और वह अपनी इस परियोजना के लक्ष्य को लेकर यूरेका फोब्र्स तक पहुंची।

कंपनी की मदद से वह देश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में वॉटर एटीएम लगाने की योजना लेकर आई।

दीया ने कहा, ‘‘इस काम में अफसरशाही से जुड़ी बाधाएं और प्रक्रिया संबंधी देरियां थीं लेकिन मैं तब तक प्रशासन के पीछे पड़ी रही जब तक मुझे मंजूरी नहीं मिल गई।’’ दीया द्वारा लोगों और सरकारी अधिकारियों की मदद से 15 लाख रूपए जुटा लिए जाने के बाद और प्रस्तावित एटीएम स्थल के लिए म्युनिसिपल कमीशन से अनुमति लेने के लिए संघर्ष करने के बाद पहले वॉटर एटीएम का उद्घाटन इस साल जनवरी में किया गया।

सामुदायिक सेवा के प्रति ‘असाधारण’ योगदान के लिए दीया को हाल ही में छठे प्रमेरिका स्पिरिट ऑफ कम्यूनिटी अवॉर्डस कार्यक्रम में गोल्ड मेडल दिया गया।

( Source – पीटीआई-भाषा  )

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz