उच्चतम न्यायालय ने आदेश में बदलाव किया, हाजी अली दरगाह के निकट किनारा मस्जिद का किया जाएगा संरक्षण

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने मुंबई में हाजी अली दरगाह के निकट अतिक्रमणों पर दिए अपने पहले के आदेश में आज बदलाव किया और दरगाह के करीब स्थित किनारा मस्जिद को हटाने पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को मस्जिद को नियमित करने की मांग करने वाली याचिका पर हफ्ते भर के भीतर फैसला… Read more »

पिछले महीने 3,500 बाल पोर्नोग्राफी साइट्स ब्लॉक की गयीं : सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया

Posted On by & filed under राष्ट्रीय

केंद्र ने आज उच्चतम न्यायालय को बताया कि समग्र बाल पोर्नोग्राफी के मुद्दे से निपटने के लिये कदम उठाये जा रहे हैं और इससे संबद्ध करीब 3,500 वेबसाइटों को पिछले महीने ब्लॉक कर दिया गया है। सरकार ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि उसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा… Read more »

केन्द्र ने न्यायालय को सूचित किया: सीआईपीएफ की चार और कंपनियां दार्जीलिंग, कलिम्पोंग भेज रहे हैं

Posted On by & filed under पश्चिम बंगाल, राज्य से

केन्द्र सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि अलग गोरखालैंड की मांग के आन्दोलन से प्रभावित दार्जीलिंग और कलिम्पोंग में कानून व्यवस्था बनाने के लिये केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की चार अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति एम एम शांतानागौडर की तीन सदस्यीय… Read more »

कोयला मामले: विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई केवल उच्चतम न्यायालय करेगा

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई के लंबित रहने के दौरान विशेष अदालत द्वारा पारित किसी भी आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई केवल शीर्ष न्यायालय करेगा। न्यायमूर्ति एम बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि वह न्यायालय द्वारा 25 जुलाई 2014 को… Read more »

उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ आधार याचिकाओं पर 18-19 जुलाई को करेगी सुनवायी

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि निजता का अधिकार के पहलू सहित आधार से जुड़े सभी मामलों पर 18 और 19 जुलाई को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ सुनवायी करेगी। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ की पीठ के समक्ष यह मामला आने पर उन्होंने कहा कि पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ आधार… Read more »

सतलुज यमुना लिंक नहर मामले में न्यायालय के फैसले का सम्मान होना चाहिए: उच्चतम न्यायालय

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले में उसके आदेशों का ‘‘सम्मान’’ होना चाहिए और उन पर ‘‘क्रियान्वयन’’ किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि इनका पालन करना पंजाब और हरियाणा सरकारों का कर्तव्य है। न्यायालय ने दोनों राज्यों को यह सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया कि इस मामले को लेकर… Read more »

आप सरकार की याचिका पर सुनवायी के लिए संविधान पीठ के गठन पर विचार करेगा न्यायालय

Posted On by & filed under क़ानून, दिल्ली, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने आम आदमी पार्टी की अगुआई वाली दिल्ली सरकार को आज आश्वासन दिया कि वह उसकी उन याचिकाओं पर सुनवायी के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के गठन पर विचार करेगा जिसमें उसने उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी कि राज्यपाल राष्ट्रीय राजधानी का प्रशासनिक प्रमुख होता है। दिल्ली सरकार… Read more »

माल्या एक बार फिर अवमानना के मामले में उच्चतम न्यायालय में पेश नहीं हुये

Posted On by & filed under आर्थिक, क़ानून

न्यायालय की अवमानना के दोषी ठहराये जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या न्यायिक निर्देश के बावजूद एक बार फिर उच्चतम न्यायालय में आज व्यक्तिगत रूप से पेश होने में विफल रहे। न्यायमूर्त िआदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्त िउदय यू ललित की पीठ ने इस मामले की सुनवाई 14 जुलाई के लिये निर्धारित करते हुये इसमें… Read more »

किसानों की आत्महत्या का मसला रातोंरात नहीं सुलझ सकता: उच्चतम न्यायालय

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने फसल बीमा योजना जैसी किसान समर्थक योजनाओं के प्रभावी नतीजे आने के लिये कम से कम एक साल के समय की आवश्यकता संबंधी केन्द्र की दलील से सहमित व्यक्त करते हुये आज कहा कि किसानों के आत्महत्या के मामले को रातोंरात नहीं सुलझाया जा सकता है। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और… Read more »

फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मिली नौकरी और दाखिले वैध नहीं : उच्चतम न्यायालय

Posted On by & filed under क़ानून, राष्ट्रीय

उच्चतम न्यायालय ने आज फैसला सुनाया कि फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण के तहत मिली सरकारी नौकरी या दाखिले को कानून की नजरों में वैध नहीं ठहराया जा सकता है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्त िजे. एस. खेहर और न्यायमूर्त िडी. वाई. चन्द्रचूड़ की पीठ ने इस संदर्भ में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को सही… Read more »