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Tarun_Gogoi

गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शोक के दौरान एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए कैमरे के सामने नृत्य किया, जिसकी पूरे राज्य में निंदा की गई। इसकी सूचना जब गोगोई के कानों तक पहुंची तो उन्हें लगा कि उनके गलती हुई है, उन्होंने इसे अपनी गलती तो मानी लेकिन राज्य में उनके इस कृत्य के लिए सभी ने जमकर कोसा।

पूर्व राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम के निधन के समय घोषित राष्ट्रीय शोक के दौरान मुख्यमंत्री का नृत्य चर्चा का विषय बनना लाजिमी था। घटना के अनुसार मध्य असम के हाथीखुली चाय बागान इलाके में बीते कल बुधवार को मुख्यमंत्री एक अस्पताल, एक क्लब और एक फैक्ट्री के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। मुख्यमंत्री ने गोल्फ क्लब का उद्घाटन करने के दौरान गोल्फ के कुछ शाट भी मारा। इस दौरान हाथीखुली चाया बागान में उद्घाटन अवसर पर वहां झूमर नृत्य प्रस्तुत कर रही दो जनजाति युवतियों के साथ ताल से ताल और ठुमके से ठुमके मिलाते हुए नृत्य करने लगे।

राजनीतिक पार्टियों के साथ ही गैर राजनीतिक संगठन भी मुख्यमंत्री के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। ऐसे समय जब समूचा देश पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम के आकस्मिक निधन पर शोक मना रहा है, जबकि केंद्र व राज्य सरकारों ने भी राजकीय शोक की घोषणा कर रखी है, देश का ध्वज आधा झुका हुआ है, इन सबको भुलाकर मुख्यमंत्री कार्यक्रम में ठुमके लगाएं तो यह कृत्य किसी को भी आसानी से हजम नहीं होने वाला है। बाद में जब मीडिया ने उनके इस व्यवहार के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी गलती मानते हुए कहा कि यह गलत था ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसके लिए उन्हें खेद है। हालांकि मुख्यमंत्री के इस कृत्य को लेकर राज्य में चर्चाओं का दौर जारी है।

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