लेखक परिचय

कुमार सुशांत

कुमार सुशांत

भागलपुर, बिहार से शिक्षा-दीक्षा, दिल्ली में MASSCO MEDIA INSTITUTE से जर्नलिज्म, CNEB न्यूज़ चैनल में बतौर पत्रकार करियर की शुरुआत, बाद में चौथी दुनिया (दिल्ली), कैनविज टाइम्स, श्री टाइम्स के उत्तर प्रदेश संस्करण में कार्य का अनुभव हासिल किया। वर्तमान में सिटी टाइम्स (दैनिक) के दिल्ली एडिशन में स्थानीय संपादक हैं और प्रवक्ता.कॉम में सलाहकार-सम्पादक हैं.

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-कुमार सुशांत-
Indian_Army_Kargil

उठ जाग चलो फिर से, हमें देश बचाना है,
भारतमाता का यूं, हमें फर्ज निभाना है।

ये देश है वीरों का, हमें शान से चलना है,
उनके बलिदानों का, हमें कर्ज चुकाना है।

ना समझो कि हम अब भी, आज़ाद हैं बिल्कुल ही,
खतरे में है सभ्यता, हमें राष्ट्र बचाना है।

जंजीरों में है माता, रो रही छुड़ाना है,
हम बेटे हैं बस उसके, माता को बचाना है।

अंग्रेजियत हावी, दुनिया की नज़र अब भी,
माता चिघाड़ रही, कह रही तुम्हें लड़ना है।

उठ जाग चलो फिर से, हमें देश बचाना है,
भारतमाता का यूं, हमें फर्ज निभाना है।

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