लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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  life मिलन सिन्हा

तुमसे बेहतर

तुम्हें जाने कौन

मुझसे बेहतर

मुझे जाने कौन

लोग कहें न कहें

मानें  न मानें

जानें न जानें

पहचानें न पहचानें

क्या फर्क पड़ेगा

जैसे हम हैं

वैसे हम हैं

जैसा आगे करेंगे

वैसा ही बनेंगे

सच है, झूठ से सच

कैसे साबित करेंगे

गलत तरीके से

जब जोड़ेंगे संपत्ति

दूर कैसे रहेगी तब

हमसे  विपत्ति

गवाह है मानव इतिहास

होता है अपने-अपने

कर्मों का यहीं हिसाब

इसी जीवन में

जीना है सबको

अपने हिस्से का स्वर्ग

अपने हिस्से का नर्क

करें क्यों तब छल-प्रपंच

और अपना ही बेड़ा गर्क !

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