लेखक परिचय

ललित कुमार कुचालिया

ललित कुमार कुचालिया

लेखक युवा पत्रकार है. हाल ही में "माखनलाल चतुर्वेदी राष्टीय पत्रकारिता विश्विधालीय भोपाल", से प्रसारण पत्रकारिता की है और "हरिभूमि" पेपर रायपुर (छत्तीसगढ़) में रिपोर्टिंग भी की . अभी हाल ही में पत्रकारिता में सक्रीय रूप से काम कर है

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माँ…तेरी ऊँगली पकड़ कर चला…

ममता के आँचल में पला…

 

हँसने से रोने तक तेरे ही पीछे चला

 

बचपन में माँ जब भी मुझे डाटती…

 

में सिसक–सिसक कर घर के किसी कोने में जाकर रोने लगता

फिर बड़े ही प्रेम से मुझे बुलाती…

कहती, बेटा में तेरे ही फायदे के लिए तुझे डांटती

फिर मैं थोडा सहम जाता और सोचता…

माँ, मेरे ही फायदे के लिए मुझे डाटती

जब भी मैं कोई काम उनके अनुरूप करता…

तो मुझे फिर से डांट देती…

आज भी माँ की डांट खाने का बड़ा ही मन करता…

माँ की डाट, मुझे हर बार नई सीख देती…


-ललित कुमार कुचालिया

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1 Comment on "कविता/ माँ…तेरी ऊँगली पकड़ के चला…"

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लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर पत्रकार
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सुन्दर अभिब्यक्ति ,हार्दिक बधाई ….

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