लेखक परिचय

मोतीलाल

मोतीलाल

जन्म - 08.12.1962 शिक्षा - बीए. राँची विश्वविद्यालय । संप्रति - भारतीय रेल सेवा में कार्यरत । प्रकाशन - देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं लगभग 200 कविताएँ प्रकाशित यथा - गगनांचल, भाषा, साक्ष्य, मधुमति, अक्षरपर्व, तेवर, संदर्श, संवेद, अभिनव कदम, अलाव, आशय, पाठ, प्रसंग, बया, देशज, अक्षरा, साक्षात्कार, प्रेरणा, लोकमत, राजस्थान पत्रिका, हिन्दुस्तान, प्रभातखबर, नवज्योति, जनसत्ता, भास्कर आदि । मराठी में कुछ कविताएँ अनुदित । इप्टा से जुड़ाव । संपर्क - विद्युत लोको शेड, बंडामुंडा राउरकेला - 770032 ओडिशा

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एक दिन

मैँने देखा एक सपना

सपने मेँ औरत को

मैँने छुआ

एक ठंडी सी लहर

काटती हुई निकल गयी

 

आँखेँ कुछ कहना चाहती थी

और देखना चाहती थी

सपने मेँ अच्छी औरत

कि कहीँ लिजलिजा सा काँटा

आँखोँ मेँ धस गयी

और छिन ली सारी रोशनी

 

वह तिलमिलायी थी

और हाथोँ की रेखाओँ को

काट डाला था

और घुटने के बल बैठी

आकाश को खा जाना चाहती थी

उसकी आँखेँ

टिक गयी थी आकाश के परे

 

सपने मेँ

औरत का होना

या नदी का

धरती का

हवा का

पेड़ोँ का

या चीखोँ का

सुकून की बात नहीँ होती

 

आज ये कटने को बेबस

जड़ोँ के तलाश मेँ

सपने बोते रहते हैँ हर पल ।

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