लेखक परिचय

मोतीलाल

मोतीलाल

जन्म - 08.12.1962 शिक्षा - बीए. राँची विश्वविद्यालय । संप्रति - भारतीय रेल सेवा में कार्यरत । प्रकाशन - देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं लगभग 200 कविताएँ प्रकाशित यथा - गगनांचल, भाषा, साक्ष्य, मधुमति, अक्षरपर्व, तेवर, संदर्श, संवेद, अभिनव कदम, अलाव, आशय, पाठ, प्रसंग, बया, देशज, अक्षरा, साक्षात्कार, प्रेरणा, लोकमत, राजस्थान पत्रिका, हिन्दुस्तान, प्रभातखबर, नवज्योति, जनसत्ता, भास्कर आदि । मराठी में कुछ कविताएँ अनुदित । इप्टा से जुड़ाव । संपर्क - विद्युत लोको शेड, बंडामुंडा राउरकेला - 770032 ओडिशा

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मोतीलाल

जो हो

बहुत कोशिशोँ के बाद

आज देख पाया

अपना चेहरा

और पाया

बादल सा उड़ता

एक सुखद अनुभूति

 

अब खड़ा रह पाऊँगा मैँ

आईने के सामने

 

जिन दिनोँ

मैँ करता करता कोशिश

अपने चेहरे को देख पाऊँ

कटी-फटी लाशेँ

मुम्बई की

उतर आता आईने मेँ

उन मासूम बच्चोँ की चीख

नहीँ सह पाता हूँ मैँ

टूट जाता है सभी द्वार

और टूट जाता है आईना

 

उन दिनोँ

कोशिश करता

कोई अच्छी सी कविता लिखूँ

जब पढ़ता अपनी कविता

गर्म खून से सना

लोथड़ोँ के शक्ल मेँ

मुम्बई का इतिहास

उतर आता है कागज पर

 

ये कैसे हुआ

कविता की जगह

यह लहू कैसे टपका

आजतक नहीँ समझ पाया हूँ

 

गयी रात

मैँने सुना

कश्मीर मेँ चुनाव

बहुत शांति से गुजरा

मुझे लगा

आईना मुझसे बदल गया है

या फिर

चंद उन हाथोँ मेँ चला गया है

 

जो हो

देख तो पाता हूँ

अपना चेहरा

लहू से भीँगे

इस माटी के आईने मेँ ।

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