लेखक परिचय

श्‍यामल सुमन

श्‍यामल सुमन

१० जनवरी १९६० को सहरसा बिहार में जन्‍म। विद्युत अभियंत्रण मे डिप्लोमा। गीत ग़ज़ल, समसामयिक लेख व हास्य व्यंग्य लेखन। संप्रति : टाटा स्टील में प्रशासनिक अधिकारी।

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दुहराता इतिहास मिलेगा
राम तुम्हें वनवास मिलेगा

युग बदला पर हाल वही है
लेकिन रावण खास मिलेगा

मिल सकते सुग्रीव परन्तु
दुश्मन का आभास मिलेगा

और मिलेंगे कई विभीषण
वैसा नहीं समास मिलेगा

नाव बिठाये केवट शायद
बदले में संत्रास मिलेगा

लक्ष्मण, सीता साथ भले हों
क्या वैसा एहसास मिलेगा

राम अगर तुम बदल गए तो
सदा सुमन उपहास मिलेगा

 

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