लेखक परिचय

अशोक गौतम

अशोक गौतम

जाने-माने साहित्‍यकार व व्‍यंगकार। 24 जून 1961 को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला की तहसील कसौली के गाँव गाड में जन्म। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से भाषा संकाय में पीएच.डी की उपाधि। देश के सुप्रतिष्ठित दैनिक समाचर-पत्रों,पत्रिकाओं और वेब-पत्रिकाओं निरंतर लेखन। सम्‍पर्क: गौतम निवास,अप्पर सेरी रोड,नजदीक मेन वाटर टैंक, सोलन, 173212, हिमाचल प्रदेश

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राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विकास संस्थान (एनआइसीडी) राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विकास के क्षेत्र में राष्ट्र का अग्रणी उत्कृट संस्थान है । यह संस्थान भ्रष्टाचार के अध्ययन, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं परामर्श् के अंतर संबंधी कि्रयाकलापों के द्वारा भ्रष्टाचार विकास कार्यकताओं, चयनित प्रतिनिधियों, भ्रष्टाचारविदों एवं आने वाली युवापी़ढी में भ्रष्टाचार क्षमता निर्माण के लिए वचनबद्ध है। संस्थान के संकायों में राट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अत्यंत अनुभवी भ्रष्टाचारविद एवं भ्रष्टाचार अभ्यासकर्ता उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विकास संस्थान भ्रष्टाचार विकास प्रबंध में (एडीसीडीएम) एक वर्षीय एडवांस डिप्लोमा कार्यक्रम की सहार घोषणा करता है जो अल्ट्रा नया पूर्ण रूपेण पत्राचार है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में भ्रष्टाचार विशेषज्ञों का एक प्रतिबद्ध और सक्षम संवर्ग तैयार करना है जो देश में भ्रष्टाचार के झंडे गाड़ हर कदम पर जांचों को ठेंगा दिखा सके ताकि आने वाले समय में जांच आयोगों पर होने वाले धन और समय को बचाया जाए। इस कार्यक्रम के द्वारा संस्थान भ्रष्टाचार की लेटेस्ट तकनीकों को प्रदान करता है जिससे भ्रष्टाचार विकास के दृटांतों और पद्धतियों को भविय में बेहतर ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
इस डिप्लोमा के लिए उम्मीदवार के पास समाज के किसी भी क्षेत्र का कम से कम दो वार का भ्रष्टाचार का अनुभव प्रमाण पत्र (एसडीएम द्वारा सत्यापित) होना चाहिए। कोई शैक्षिक बंधन नहीं। वे जो दो वार के अनुभव के ग्यारहवें महीने में हों वे भी आवेदन कर सकते हैं। पचास प्रतिशत सीटें प्रायोजित सरकारी सेवाकालीन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं क्योंकि भ्रष्टाचार के विकास में उनके योगदान को हद से लंबा हाथ रहा है। सेवाकालीन अभ्यर्थियों के पास कम से कम अपने कार्यालय में सफलता पूर्वक किए गए भ्रटाचार का पांच वार का कार्यानुभव प्रमाण पत्र अवश्य होना चाहिए। वे अपने आवेदन उचित माध्यम से ही भेजें।
अभ्यर्थियों का चयन अखिल भारतीय भ्रष्टाचार प्रवेश परीक्षा की प्रकि्रया द्वारा किया जाएगा जिसमें अभ्यर्थियों की मौखिक, मात्रापरक एवं अवसरपरक सक्षमताओं, दावी,भ्रटाचार कौशल, समूह परिचर्चा एवं व्यक्तिगत भ्रष्टाचार की परीक्षा आयोजित की जाएगी। सेवाकालीन अभ्यर्थियों की योग्यता सूची अलग से तैयार की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट डब्लू डब्लू डब्लू. एनआइसीडी. इन पर लाग आन करें। एनआइसीडी के पास ये अधिकार सुरक्षित है कि वह किसी भी गैर प्रशासनिक कारण से केंद्र को रद कर सकता है। केंद्र रद होने के कारण आवेदनकर्ताओं को बताने जरूरी नहीं होंगे।
सीटों की संख्या कुल 100 है। इनमें से 50 सीटें सेवाकालीन जुझारू अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। नोट कहीं से प्रेशर आने पर सीटें ब़ाई भी जा सकती हैं।

मेरिट आधारित छात्रवृत्ति योग्य छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरतमंद छात्रों को एनआइसीडी के द्वारा बैंक लोन की सुविधा मुहैया होगी। सरकार की नीतियों के अनुसार अनुसूचित जाति/जन जाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग (नान क्रीमी लेयर) एवं विकलांगों को आरक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम को सफलतापूर्वक करने के तुरंत बाद एनआइसीडी की ओर से पूर्ण प्रयास किए जाएंगे कि उनके छात्र ऐसे विभाग में नियुक्ति/ प्रतिनियुक्ति पर जाएं। जहां जाकर वे संस्थान के नाम को चार चांद लगाएं। उल्लेखनीय है कि पिछले बैच के सभी छात्रों को विभिन्न विभागों में पदस्थापित किया जा चुका है। हर उम्मीदवार से संस्थान यह उम्मीद रखता है कि वे पहले निकले बैच के अनुरूप देश में भ्रटाचार के विकास को अपने जीवन का लक्ष्य मानें। वैधानिक सूचना संस्थान से भ्रटाचार का सफल कोर्स करने के बाद भ्रष्टाचार में संलिप्त हो पकड़े जाने पर दोष व्यक्तिगत होगा। इस बारे में संस्थान को कोई लेना देना नहीं। उसका काम अपने अभयर्थियों को भ्रष्टाचार की बेहतर तकनीक देने से अधिक और कुछ नहीं।

विवरणिका सहित आवेदन फार्म देश के हर जिला मुख्यालय से नि:शुल्क प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन प्राप्ति केंद्रों के पते वेबसाइट से प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदनों को हमारी वेबसाइट से भी डाऊनलोड किया जा सकता है। विधिवत रूप से भरे आपके आवेदन फार्म जिला मुख्यालयों में तय डेट तक जमा हो जाने चाहिएं।

आवेदन पत्र की अंतिम तारीख, शुल्क, प्रवेश परीक्षा की तिथि और प्रवेश से संबंधित अन्य जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखें। अभ्यर्थी प्लीज ध्यान दें अंतिम तिथि के बाद आने वाले आवेदनों पर ही गौर किया जाएगा। संस्थान के पास ये अधिकार सुरक्षित होते हुए भी नहीं सुरक्षित है कि वह बिना कारण बताए चयन प्रक्रिया में, मेरिट सूची में अपने हिसाब से फेरबदल कर सकता है।

– डॉ. अशोक गौतम

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