धारा 370 खत्म करने का वक्त

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जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली की एक संगोष्ठी में जो कहा, वह नहीं कहती तो क्या कहतीं ? उन्होंने कहा कि यदि संविधान की धारा 370 और 35 ए को आपने हटा दिया तो कश्मीर की घाटी में कोई तिरंगा ध्वज फहराने वाला भी नहीं मिलेगा। इन दोनों धाराओं को लेकर इतनी सख्त… Read more »

नवाज के हटने से बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें

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भारत के शत्रु नम्बर वन पाकिस्तान में बड़े उलटफेर के बाद अब पनामा मामले में नवाज शरीफ को दोषी करार दिया गया है । इसके बाद उनका जेल जाना लगभग तय है। इससे भी सनसनी खेज खबर यह है कि नवाज की जगह पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है। यह वही… Read more »

कश्मीर में शान्ति बहाली ही शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी

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26 जुलाई 2017, 18 वाँ कारगिल विजय दिवस वो विजय जिसका मूल्य वीरों के रक्त से चुकाया गया, वो दिवस जिसमें देश के हर नागरिक की आँखें विजय की खुशी से अधिक हमारे  सैनिकों की शहादत के लिए सम्मान में नम होती हैं । 1999 के बाद से भारतीय इतिहास में जुलाई का महीना हम… Read more »

क्या कश्मीर में  बकरा पार्टी की लडाई अपने अंतिम दौर में पहुँच गई है ?

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कश्मीर घाटी के मुसलमानों की जनसंख्या भी ,मौलाना के शब्दों का ही सहारा लेना हो तो , 95 प्रतिशत हिन्दुओं की औलाद है और पाँच प्रतिशत उन मुसलमानों की ,जिनके पूर्वज कश्मीर को जीतने आए थे और उसे जीत कर यहीं बस गए । जीत कर यहीं बसने वाले अपनी पहचान छिपाते भी नहीं । वे गौरव से उसका प्रदर्शन करते हैं ।

धन लेकर अराजकता फैलाने वाले अलगाववादी

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सरकार की नीतियों अथवा अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन का अधिकार संविधान ने देश के हर एक नागरिक को दिया है। देशभर में आए दिन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कभी-कभी लाठीचार्ज किया जाता है या आसूं गैस अथवा तेज पानी की बौछारें छोड़कर उग्र होती भीड़ को काबू में लिया जाता है। लेकिन घाटी में प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल का अधिकार सेना और सुरक्षा बलों को मिला हुआ है।

कश्मीरः ये आग कब बुझेगी ?

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यह वक्त ही है कि कश्मीर को ठीक कर देने और इतिहास की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराने वाले आज सत्ता में हैं। प्रदेश और देश में भाजपा की सरकार है, पर हालात बेकाबू हैं। समय का चक्र घूम चुका है। “जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है” का नारा लगाती भाजपा देश की केंद्रीय सत्ता में काबिज हो चुकी है। प्रदेश में भी वह लगभग बराबर की पार्टनर है। लेकिन कांग्रेस कहां है?इतिहास की इस करवट में कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं भी नदारद हैं। फारूख अब्दुल्ला को ये पत्थरबाज देशभक्त दिख रहे हैं। आखिर इस देश की राजनीति इतनी बेबस और लाचार क्यों है।

कश्मीर में सरकार आपकी पर ‘राज’ किसका?

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घाटी के गुमराह नौजवानों को भी यह समझाने की जरूरत है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। पाकिस्तान और आईएस के झंडे दिखा रही ताकतों को जानना होगा कि भारत के संयम को उसकी कमजोरी न समझा जाए। इतनी लंबी जंग लड़कर पाकिस्तान को हासिल क्या हुआ है, उसे भी सोचना चाहिए। दुनिया बदल रही है। लड़ाई बदल रही है। कश्मीर घाटी में लोकतंत्र की विरोधी शक्तियां भी पराभूत होगीं, इसमें दो राय नहीं।

कश्मीर में पैलेट गन क्यों नही…

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जबकि यह सर्वविदित ही है कि वर्षो से कश्मीर घाटी में अलगाववादियों व आतंकवादियों द्वारा प्रति लड़के/युवक को 500 से 1500 रुपये तक देकर सुरक्षाबलों पर हमले करवायें जाते आ रहे है। परिणामस्वरूप अनेक सुरक्षाकर्मी मारे भी गये और साथ ही सरकारी संपत्तियों की भी भारी क्षति हुई है। पिछले कुछ वर्षों के अतिरिक्त भी जुलाई 2016 में आतंकी बुरहानवानी के मारे जाने के बाद इन पत्थरबाजों की टोलियों ने कई माह तक विशेषतौर पर दक्षिण कश्मीर में सामान्य जनजीवन को ही बंधक बना दिया था।

हिन्दुओं को मिले तीन विकल्प-इस्लाम, मृत्यु, कश्मीर छोड़ो

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‘भारत में मूत्र्ति पूजा’ का लेखक हमें बताता है-‘‘मुसलमान फकीर हिंदू वेष में मंदिरों में रहकर वहां की आंतरिक दशा का अध्ययन करते थे और उसकी सूचना अपने प्रचारकों तथा मुस्लिम शासकों को देते रहते थे। जो उस समय उनसे पूरा लाभ उठाते थे। इब्नबतूता का कहना है कि चंदापुर के निकट एक मंदिर में उसकी भेंट एक ऐसे जोगी से हुई जो वास्तव में एक मुसलमान सूफी था और केवल संकेत से बातचीत करता था। फारसी का प्रसिद्घ कवि शेख सादी सोमनाथ के मंदिर में कुछ समय हिंदू साधु बनकर रह गया था।

जब कश्मीर के राजा जशरथ ने बढ़ाया भारत का ‘यश’ रथ

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राकेश कुमार आर्य संसार एक सागर है संसार एक सागर है, जिसमें अनंत लहरें उठती रहती हैं। ये लहरें कितने ही लोगों के लिए काल बन जाती हैं, तो कुछ ऐसे शूरवीर भी होते हैं जो इन लहरों से ही खेलते हैं और खेलते-खेलते लहरों को अपनी स्वर लहरियों पर नचाने भी लगते हैं। ऐसा संयोग इतिहास… Read more »