कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

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  तारकेश कुमार ओझा बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में  अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया करता था। कुछ बड़े होने पर शिवधाम के तौर पर जेहन में बस दो ही नाम उभरते थे। मेरे गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल… Read more »