असाधारण सूझ बूझ के पर्याय मेजर गोगोई

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भारतीय सेना की पहचान विश्व के कुछ गिने चुने शक्तिशाली देशों की सेना के रुप में की जाती है, सेना की बहादुरी और उसके निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता के कई उदाहरण इतिहास में दर्जे हैं जिसकी एक मिशाल यहां प्रस्तुत करना चाहूंगा 1965 के युद्ध में जब पाकिस्तान की सेना ने कश्मीर में घुसपैठ… Read more »

जीप के बोनट पर फारुक अहमद धर और बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला –

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उमर अब्दुल्ला और उनकी मानवाधिकार ब्रिगेड यह तो चिल्ला रही है कि मेजर गोगोई को , फारुख अहमद धर को जीप के बोनट पर नहीं बिठाना चाहिए था लेकिन यह नहीं बताती कि उस हालत में उसे इसके स्थान पर क्या करना चाहिए था ? स्थल सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने बिल्कुल सही प्रश्न उठाया है कि यदि सीमा पर शत्रुओं के मन में और देश के भीतर देश के खिलाफ बन्दूक़ उठा लेने वालों के मन में सेना का भय नहीं रहेगा तो देश का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा ।