मेजर तुझे सलाम

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संजय चाणक्य                      ‘‘ यादे अब यादे हो चली है !          जमाना तुम्हे भुलता जा रहा है!!’’ जब चैदह के उम्र में लोग अक्सर बचकाना हरकत करते है।  उस समय घ्यानचंद ने अपने आत्म विश्वास का लोहा मनवाया था। वाक्या वर्ष 1919 का है जब… Read more »