कम्युनिस्टों का एजेंडा, सेना को करो बदनाम

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कम्युनिस्ट विचारधारा के लेखक पार्थ चटर्जी का अंग्रेजी में लिखा एक लेख दो जून को कम्युनिस्ट एजेंडे पर संचालित वेबस्थल ‘द वायर’ पर प्रकाशित होता है। इस लेख में चटर्जी सभी सीमाएं तोड़ते हुए लिखते हैं कि कश्मीर’जनरल डायर मोमेंट’ से गुजर रहा है। वर्ष 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के पीछे ब्रिटिश सेना के तर्र्क और कश्मीर में भारतीय सेना की कार्रवाई (मानव ढाल) का बचाव, दोनों में समानताएं हैं। उल्लेखनीय है कि मेजर गोगोई ने कश्मीर घाटी में उपद्रवियों और पत्थरबाजों की हिंसा से पोलिंग पार्टी को बचाने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के आगे बांध लिया था।