मेरा दर्द मेरा साथी

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दर्द तुझसे नफरत थी मुझे बेइन्तहां पर अब तू ही मेरा सच्चा साथी है जाने अनजाने हुई तुझसे मेरी दोस्ती अब तू ही मेरे सफर का हमराही है। कह न सकी जो दास्तां कभी किसी से वो तू मेरे दर्द बिन कहे पढ़ लेता है। आखिर जीवन की यह अनकही दास्तां भी तो तेरी ही… Read more »