मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा

Posted On by & filed under कविता, विविधा

क़ैस जौनपुरी मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा आज बक़रीद है सुबह सुबह किसी ने टोका ईद मुबारक़ हो ईद मुबारक़ हो नमाज़ पढ़ने नहीं गए लेकिन स्वीमिंग करने जा रहे हो हाँ मैं नहीं गया क्यूँकि मैं नाराज़ हूँ उस ख़ुदा से जो ये दुनिया बना के भूल गया है कहीं खो गया है या शायद… Read more »