मैकाले और हमारे भ्रम

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( डा. रवीन्द्र  अग्निहोत्री )  लार्ड मैकाले की आत्मा अगर कहीं से देख पाती होगी तो यह देखकर अवश्य ही संतोष का अनुभव करती होगी कि उसे उसके अपने देश ने भले ही  भुला दिया हो, कोई वहां उसका नाम भी न लेता हो ,  पर इंडिया नाम की  जिस असभ्य , गंवार , जंगली… Read more »