मैने कहाँ मांगा था…

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मैने कहाँ मांगा था सारा आसमा, दो चार तारे बहुत थे मेरे लियें, दो चार तारे भी नहीं मिले तो क्या.. चाँद की चाँदनी तो मेरे साथ है।   मैने नहीं माँगा था कभी इन्द्रधनुष, जीवन मे कुछ रंग होते बहुत था, दो रंग भी नहीं मिला तो क्या.. श्वेत-श्याम ही बहुत हैं मेरे लियें।… Read more »