वैचारिक संघर्ष नहीं, केरल में है लाल आतंक

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राजेश के शरीर पर 83 घाव बताते हैं कि केरल में किस तरह लाल आतंक हावी है, केरल में दिखाई नहीं देता क़ानून का राज लोकेन्द्र सिंह केरल पूरी तरह से कम्युनिस्ट विचारधारा के ‘प्रैक्टिकल’ की प्रयोगशाला बन गया है। केरल में जिस तरह से वैचारिक असहमतियों को खत्म किया जा रहा है, वह एक तरह से कम्युनिस्ट विचार के… Read more »