मोटे अनाजों की खेती का महत्व

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-शशांक कुमार राय एक समय था जब भारत की कृषि–उत्पादन प्रणाली में काफी विविधता देखने को मिलती थी। गेहूं, चावल, जौ, राई, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती थी। अब यह स्थिति यह है कि आजादी के बाद बदली कृषि-नीति ने भारतीयों को गेहूं व चावल आदि फसलों पर निर्भर बना… Read more »