कविता – अगली सदी-मोतीलाल

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बहुत संभव है चक्कियोँ के पाट से कोई लाल पगडंडी निकल आये और आँसूओँ के सागरोँ पर कोई बादल उमड़ता चला जाये   गिरते पानी मेँ कदमोँ की आहट प्रायद्वीप बनने से रहे बहुत संभव है कोहनियोँ पे टिका जमीन पानी मेँ घुले ही नहीँ और बना ले प्रकृति की सबसे सुन्दर आकृति   इन… Read more »

मोतीलाल की जूता पालिश

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मोतीलाल – आपने नाम सुना है न मोतीलाल का ? किसी ज़माने में वह हिन्दी फि़ल्मों के सर्वाधिक लोकप्रिय कलाकार थे, और वैसे भी लोगों का ख़याल है कि अभिनय-कला के जिस सर्वोच्च शिखर को अनजाने ही उन्होंने छू लिया था वहां तक पहुंच पाना आज भी किसी के लिये सहज-संभव नहीं. मिस्टर सम्पत …… Read more »