संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत के उद्बोधन का सारांश

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 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत के श्रीविजयादशमी उत्सव (बुधवार दिनांक 24 अक्तुबर 2012) के अवसर पर दिये गये उद्बोधन का सारांश आज के दिन हमें स्व. सुदर्शन जी जैसे मार्गदर्शकों का बहुत स्मरण हो रहा है। विजययात्रा में बिछुड़े हुये वीरों की स्मृतियाँ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। विजयादशमी विजय का… Read more »

हिन्दू एक संस्कृति है : मोहनराव भागवत

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भोपाल, 27 फरवरी (हि.स.)। हिन्दू कहने से किसी समाज विशेष का ही चरित्र नहीं मिलता बल्कि भारत की पहचान ही हिन्दुस्थान के नाम से विश्व में सर्वत्र है। हिन्दू एक संस्कृति है, जिसमें मत-पंथ की भिन्नता के बावजूद सभी समाहित हैं। सिंधू सभ्यता से जुडा हुआ यह शब्द सम्बोधन के स्तर पर प्रत्येक भारतीय के… Read more »