मौत का भोजन

Posted On by & filed under आर्थिकी, टॉप स्टोरी

प्रमोद भार्गव वैसे तो यह एक दयनीय स्थिति है कि दुनिया में महाशक्ति बनने का ढिंढोरा पीट रहे भारत की 12 लाख पाठशालाओं के 12 करोड़ बच्चों को मुफ्त में पोषाहार दिया जाता है। यह स्थिति तब और बदतर तस्वीर पेश कर जाती है, जब विशाक्त भोजन खाने के कारण बाल भगवानों के मरने की… Read more »