ज़हरीली होती यमुना आचमन योग्य नहीं

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डा. राधेश्याम द्विवेदी यमुना की त्रासद व्यथा:- कालिंदी का कल-कल निनाद शांत होता जा रहा है। उसकी धारा सिकुड़ती जा रही है । उसका पवित्र जल आचमन योग्य नहीं रहा है । जिससे यमुना प्रेमियों का मन आहत है। यमुना से कृष्ण का अटूट नाता रहा है और इसकी पवित्रता को बरकरार रखने के लिए… Read more »