यशोदानंदन-१९

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  श्रीकृष्ण ने अवतरण के प्रथम दिवस से ही अपनी अद्भुत बाललीला आरंभ कर दी थी। वे उन्हीं को अधिक सताते थे, जो उनका सर्वप्रिय था। मातु यशोदा जिसे एक शिशु का सामान्य व्यवहार समझती थीं, वह वास्तव में विशेष लीला थी। छकड़ा टूटने की घटना के पश्चात्‌, मातु कुछ अधिक ही सजग हो गई… Read more »