यशोदानंदन-४६

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अतीत कि स्मृतियों को याद करते-करते रथ कब मथुरा के राजपथ पर दौड़ने लगा, कुछ पता ही नहीं चला। शीघ्र ही यादवों की राजधानी मथुरा दृष्टिपथ में आ गई। अयोध्या के सूर्यवंशी सम्राट श्री रामचन्द्र के भ्राता शत्रुघ्न ने इसे बसाया था और नाम दिया था – मधुपुरी। चन्द्रवंशी यादवों ने इसे जीतकर इसका नाम… Read more »