युद्ध अपराधियों का मुंसिफ़ बन जाना…

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तनवीर जाफ़री 2003 में अमेरिका-ब्रिटेन व उसके सहयोगी देशों द्वारा इराक़ पर अकारण थोपे गए युद्ध का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है। वैसे तो विश्व के अनेक देश प्रारंभ से ही इराक़ पर अमेरिका द्वारा थोपे गए युद्ध के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति तथा तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को… Read more »

इमेज युद्ध था नाइन इलेवन

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी नाइन इलेवन इमेज त्रासदी है। सुनियोजित हत्याकाण्ड है। इस त्रासदी में मारे गए लोगों का कोई कसूर नहीं था। वे निर्दोष थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मौत का बदला मौत से लेंगे के नारे के तहत सारी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ जंग का एलान कर दिया गया और इस जंग का पहला… Read more »

संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध

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-विजय कुमार सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए इनके नियम भी अलग-अलग ही हैं। खेल के मैदान में दो खिलाड़ी या दल जीतने के लिए भिड़ते हैं। खेल में कई बार, और अंतिम समय में तो… Read more »

युद्ध का दर्शन विकसित करना चाहिए

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दुर्भाग्य से हम अपने एक पड़ोसी देश, जो कल तक इस देश का ही एक अंग था, के साथ ऐसी स्थिति में जीने के लिए मजबूर हो गये हैं, जिसमें स्त्रायुतोड़क तनाव में जीना इस देश की नियति बन गया है। यह तनाव केवल भारत का ही नहीं है, पाकिस्तान भी इसमें पूरी तरह डूबा… Read more »

उठो और श्रेष्ठता के लिए युद्ध करो

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महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था, दोनों तरफ सेनायें खड़ी थी। श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन के रथ को रणभूमि के मध्य में खड़ा किया और अर्जुन से युद्ध के लिए पांचजन्य का उद्घोष करने के लिए कहा। अर्जुन ने दूर तक नजर पसार कर देखा, दोनों तरफ उसके परिजन एवं प्रजाजन ही खड़े… Read more »