युवापीढ़ी की निराशा बहुत घातक हो सकती है

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देश-विदेश में तमाम संकटों से जूझ रही भारतीय आईटी कंपनियों को लग रहा है कि ऊबर का तरीका अगर वे सॉफ्टवेयर इंजिनियरों को लेकर अपना लें – उन्हें नियमित नौकरी पर रखने के बजाय प्रॉजेक्ट की जरूरतों के अनुरूप ही उनकी सेवाएं लें – तो न सिर्फ उनके स्थायी खर्चे बचेंगे, बल्कि कर्मचारियों से जुड़ी हर तरह की जिम्मेदारी से भी वे मुक्त हो जाएंगी।