असुरक्षित युवा शक्ति

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संजय सक्सेना इस समय देश ‘युवा’ सा लगता है। सभी राजनैतिक दलों में युवा नेताओं का बोलबाला है। बीते कुछ सालों की बात की जाए तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि मल्टीनेशनल कम्पनियों ने भारतीय युवाओं के लिए काफी तादात में काम के नए अवसर प्रदान किए हैं।लोगो के जीवन स्तर बढ़ा है। शिक्षा… Read more »