नशा, युवा और हमारा समाज

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नाजिम अलि मिनहास सीमावर्ती जिला पुंछ राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं के कारण हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ रहा है। सीमा पर होने के कारण सामान्यतः यह क्षेत्र ऐसी स्थितियों से घिरा रहता है लेकिन एक अन्य समस्या जो इस जिले के लिए सबसे बड़ी समस्या… Read more »

क्यों आज का युवा बरोजगार है उद्यमी नहीं

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बिहार बोर्ड मेरिट घोटाले के बाद बिहार विश्वविद्यालय परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष लाल केश्वर प्रसाद सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।आरंभिक जाँच में सुबूत मिले हैं कि अयोग्य छात्रों की कापियां बदल कर उन्हें टापर बना दिया गया। भारत में शायद ही कोई सरकारी विभाग है जो भ्रष्टाचार से अछूता हो बल्कि… Read more »

भावी भारत, युवा और पण्डित दीनदयाल उपध्याय

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डाॅ. सौरभ मालवीय 1947 में जब देश स्वतंत्र हुआ तो देश के सामने उसके स्वरूप की महत्वपूर्ण चुनौती थी कि अंग्रेजों के जाने बाद देश का स्वरूप क्या होगा। कांग्रेसी नेता सहित उस समय के अधिकांश समकालीन विद्वानों का यही मानना था कि अंग्र्रेजों के जाने के बाद देश अपना स्वरूप स्वतः तय कर लेगा,… Read more »

‘युवा’ बदलेंगे भारत का तस्वीर

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-मुकेश शर्मा- ‘युवा’ शब्द सुनते ही चौड़ा सीना, फौलादी भुजाएं और आत्मविश्वास से लबालब भरा एक ऐसा शख्स सामने आता है, जो कुछ कर गुजरने की इच्छा रखता है। उसमें इतना जोश रहता है कि वह किसी भी चुनौती को स्वीकारने के लिये तैयार रहता है। चाहे वह कुर्बानी ही क्यों न हो। नौजवान अतीत… Read more »

नए खून को आगे आने दें

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बुजुर्ग संरक्षक और मार्गदर्शक बनें – डॉ. दीपक आचार्य लगता है जैसे सब कुछ ठहर सा गया है। पुराने लोगों का जमघट इस कदर हावी है कि नई पौध को आगे आने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है और इस वजह से पुरानी पीढ़ी कहीं स्पीड़ ब्रेकर तो कहीं दूसरी-तीसरी भूमिकाओं में धुँध… Read more »

आखिर कहां जा रहे हैं हम

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नरेश शांडिल्य ‘चार रईसजादों ने चलती कार में एक लड़की से रात भर किया बलात्कार’, ‘पॉश कालोनी की तीन लड़कियां वेश्यावृत्ति का धंधा करती गिरफ्तार’, ‘नशे में धुत्त अमीरजादों ने पटरी पर सो रहे चार लोगों पर अपनी कार चढ़ाई’, ‘नेताजी के बिगड़ैल शहजादे ने पुलिस वाले को पीटा’, …ऐसी खबरें अक्सर हम अखबारों में… Read more »

युवा हिंदुस्थान का नेतृत्व कैसा हो?

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दत्तात्रेय होसबळे युवकों के नेतृत्व का विचार करने के पूर्व ‘युवा’ कौन, इसका वेध लेना चाहिए| जिनके नेतृत्व का विचार करने का समय आया है, उन युवकों की संकल्पना ही सही मायने में समझे बिना उनके नेतृत्व का विचार किया गया, तो सारा मंथन ही निष्प्रभ सिद्ध होगा| भारत यह युवकों का देश है, विश्‍व… Read more »

नशे की चंगुल में फंसते युवा

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कुणाल कुमार युवा शक्ति का लोहा दुनिया भर में माना जाता है। किसी वर्ग में ही निहित है। भारत की युवाशक्ति ने भी विश्‍व मंच पर अपना लोहा मनवाया है। दुनिया के कई देशों में भारतीय युवा अपने कौशल से उसे सजाने सवांरने का कार्य कर रहे हैं। विश्‍व की महाशक्ति अमेरिका की प्रगति में… Read more »

आदर्श परिवार निर्माण में युवाओं की भूमिका

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डॉ. मनोज चतुर्वेदी  भारतीय संस्कृति में ही अपना कुटुंब है कि अवधारणा रही है, पर पाश्चात्य संस्कृति ने यौन संबंधों द्वारा पति-पत्नी, पुत्र, पुत्री को ही परिवार माना है। यह कहां तक सही है, इस पर विचार करने की जरूरत है। क्या स्वयं में ‘मैं’ ही परिवार हूं? क्या पुरूष और स्त्री का एक साथ… Read more »

जोशीले युवाओं का होश से लबरेज आंदोलन

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डॉ0 आशीष वशिष्ठ  अक्सर ये कहा जाता है कि युवा शक्ति के पास जोश तो होता है, लेकिन होश नहीं। लेकिन दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के साथ देश के कोने-कोने से आये युवाओं ने जोश के साथ जिस होश का परिचय दिया है, वो वाकया ही काबिले तारीफ है। अन्ना के आंदोलन… Read more »