यूपी बीजेपीः एक अदद ‘मोदी’ की अधूरी तलाश

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संजय सक्सेना भारतीय राजनीति का दुर्भाग्य है कि यहां विरोधी दलों के नेताओं की किसी भी बात और सुझाव को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता हैं,जब तक की सत्तारूढ़ दल को इस बात का अहसास नहीं हो जाता है कि उसके विरोधी उसे किसी तरह का नुकसान पहंचा सकते हैं। वहीं विरोधी दलों… Read more »