ये कैसी स्वतंत्रता ?

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कीर्ति दीक्षित   अनुशासनहीन स्वतंत्रता कभी स्वतंत्रता का पर्याय हो ही नहीं सकती । एक ओर लांस नायक हनुमथप्पा इसी दिल्ली की धरती पर जीवन मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे, दूसरी ओर देश की प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में उसी पाकिस्तान की शान में नारे लग रहे थे जिससे देश की रक्षा के… Read more »