ऊफ… ये मासूम…!!

Posted On by & filed under जन-जागरण

​तारकेश कुमार ओझा रेलवे स्टेशन और बस अड्डा। इन दो स्थानों पर जाने की नौबत आने पर मैं समझ जाता हूं कि आज मेरा सामना अनेक अप्रिय परिस्थितयों से होना है। जो मुझे कई दिनों तक बेचैन किए रहेगी। अभी कुछ दिन पहले परिजनों को ट्रेन में बिठाने स्टेशन गया था। प्लेटफार्म पर ट्रेन की प्रतीक्षा… Read more »