दुख का बोध और योगसिद्धि का आनंद

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हृदयनारायण दीक्षित दुख और सुख सामान्य संसारी अनुभव हैं लेकिन ‘दुख की संरचना का बोध’ सौभाग्यशाली अनुभूति है। यही बोध कपिल को हुआ था, दुख बोध से ही विश्वविख्यात् सांख्यदर्शन उगा। महात्मा बुध्द का नाम बोधिसत्व से बुद्ध हुआ, दुख संरचना के गहन बोध की बुध्द कथा सारी दुनिया जानती है। ऋषि कणाद का परमाणुवाद… Read more »