कमाई का योग

Posted On by & filed under विविधा

दिल्ली का राजपथ गवाह  है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून, 2015 को विश्व के 192 देश योगपथ पर भारत के साथ चले तो पूरे विश्व में योग का डंका बजने लगा। कुछ समय पहले तक जिस योग को  ऋषि मुनियों की साधना और स्वस्थ जीवन के आधार समझा जाता था आज… Read more »

योग साधना से ईश्वर की प्राप्ति ही मनुष्य जीवन का प्रमुख उद्देश्य

Posted On by & filed under धर्म-अध्यात्म

ऋषि दयानन्द योग विषयक अपने व्याख्यान में सत्यार्थप्रकाश के सप्तम् समुल्लास में कहते हैं कि जो उपासना (अर्थात् योग) करना चाहे, उसके लिये यही आरम्भ है कि वह किसी से वैर न रक्खे। सर्वदा सब से प्रीति करे। सत्य बोले। मिथ्या कभी न बोले। चोरी न करे। सत्य व्यवहार करे। जितेन्द्रिय हो। लम्पट न हो और निरभिमानी हो। अभिमान कभी न करे।