न्याय की कठिन राह

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-राजेन्द्र बंधु- -विशेष आलेख: 42 वर्षोंं तक कोमा मेंं रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता की मृत्यु के बाद उठे सवालों पर केन्द्रित आलेख– नृशंस यौन हमले की पीड़िता अरूणा शानबाग अब जिन्दगी के आजीवन कारावास से मुक्त हो चुकी है, जबकि अपराधी सिर्फ सात साल की सजा भुगतकर इस समाज का हिस्सा बना हुआ है। नईदिल्ली… Read more »