आत्म-विशुद्धि एवं कृत-कर्माें की समीक्षा का पर्व

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वर्तमान रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ को दशावतारों के रूप में पूजा जाता है, उनमें विष्णु, वराह, कूर्म, नृसिंह, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण, वामन, बुद्ध, कल्की हैं। जगन्नाथ मंदिर की पूजा, आचार-व्यवहार, रीति-नीति और व्यवस्थाओं नेे शैव, वैष्णव, बौद्ध, जैन धर्मावलम्बियों को भी प्रभावित किया है। रथ का रूप श्रद्धा के रस से परिपूर्ण होता है। वह चलते समय शब्द करता है। उसमें धूप और अगरबत्ती की सुगंध होती है।

आडवाणी की रथयात्रा और मीडिया का अनर्गल प्रलाप

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गौतम चौधरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एक बार फिर से यात्रा पर निकल गये हैं। आडवाणी की वर्तमान यात्रा न तो भगवान राम के मंदिर के लिए है और न ही प्रधानमंत्री की दावेदारी के लिए। भाजपा सूत्रों पर भरोसा करे तो इस यात्रा में आडवाणी जी विशुद्धता के साथ सतर्कता… Read more »

भाजपा ने निकाली एक और रथयात्रा…

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राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने आज लोकसभा चुनाव 2009 के लिए भारत रत्न डा0 बालासाहेब भीमराव अम्बेडकर की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘दलित चेतना रथयात्रा’ को झंडी दिखाकर रवाना किया।