दिल लुभाती रमज़ान की रौनक़

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-फ़िरदौस ख़ान मरहबा सद मरहबा आमदे-रमज़ान है खिल उठे मुरझाए दिल, ताज़ा हुआ ईमान है हम गुनाहगारों पे ये कितना बड़ा अहसान है या ख़ुदा तूने अता फिर कर दिया रमज़ान है… माहे-रमज़ान इबादत, नेकियों और रौनक़ का महीना है। यह हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना होता है। इस्लाम के मुताबिक़ अल्लाह ने अपने बंदों… Read more »