हे बुद्ध आपने तो रास्ता दिखाया था हम ठौर पर ही मंदिर बना कर बैठ गये

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[राजगीर से यात्रावृतांत] राजीव रंजन प्रसाद  राजगीर (राजगृह) को निहारता हुआ मैं उस बुद्धकालीन भारत की कल्पना कर रहा था जो तब चार शक्तिशाली राज्यों, दस छोटे गणराज्यों तथा सोलह महाजनपदों में विभाजित था। राजगीर महाभारत काल, भगवान बुद्ध एवं महावीर के समयों में उत्थान पर था तथा तत्कालीन सम्राटों नें यहाँ राजधानी का निर्माण… Read more »

मीनाकुमारी, सारथी – पासवान और दिल्ली की मोमबत्तियाँ

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[राजगीर भ्रमण करते हुए] राजीव रंजन प्रसाद “मीना कुमारी हमको बहुत पसंद है सर इसलिये अपनी घोडी का नाम भी यही रख दिये हैं”। सुरेन्द्र पासवान, जो राजगीर में मेरे सारथी थे, कुछ मुस्कुराकर और थोड़ी उँची आवाज में बोले। मौसम मनोनुकूल था, बादल छाये हुए थे और हवा की सामान्य से कुछ तेज गति… Read more »